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Wednesday, July 24, 2013

कहीं तो हम ग़लत हैं ।


                                                 भारत कभी सोने की चिड़िया जैसा देश था। 
                   






भारत देश का सुनहरा अतीत है. भारत आध्यात्म और धन वैभव से संपन्न देश था . बहुत से विदेशी यात्री यहाँ आये और यहाँ के नागरिकों के उच्च जीवन स्तर से काफी प्रभावित हुए. इसके बाद लुटरे और आक्रमणकारी आये. भारत सदियों से वीरों का देश रहा है. आमने सामने की वो लुटरे कामयाब नहीं हो पाये।
                            लेकिन छल से वो कामयाब हो गये । ऐसा ही गोरों के साथ हुआ।और एक लंबी लड़ाई के बाद १९४७ में सत्ता हस्तांतरण हो गया।अंग्रेज सत्ता नेहरु को सौंप कर या ये कहिये जिन्ना और जवाहर में बाँट कर चले गये।
मैं आजतक ये नहीं समझ कि गाँधी जी ने नेहरु जी में ऐसी क्या खूबी देखी, जो उन्हें प्रथम प्रधानमंत्री का गौरव प्रदान किया,और इसके लिये बँटवारा तक मंजूर कर लिया।इसके बाद से अबतक भारत में बाहुबली और भ्रष्टाचारियों का ही राज चला है,और ये सिलसिला अब थमना चाहिये।

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