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Wednesday, August 7, 2013

भारत का इस्लामीकरण रोकने के उपाय



 अगर हम राष्ट्रवादी हिन्दू भारत को मुस्लिम बहुसंख्यक  देश बनने से बचाना चाहते हैं । तो हमें योजनाबद्ध और संगठित  तरीके से काम करना होगा,हमें इनकी ताकत को ,इनकी कमजोरी को पहचानना होगा साथ ही साथ इनके तौरतरीकों को समझनना होगा ।मोटे तौर पे देखा जाय तो , ये बेतहाशा आबादी बढाते हैं ,औरतों का बहुत शोषण करते हैं यहाँ तक की औरतों को शिक्षा और मस्जिद में जाने का अधिकार ही  नहीं है ,गैरमुस्लिम इमारतों को तोड़ देते हैं, ,गैरमुस्लिमों को काट डालते हैं,क्योंकि मुसलमान कभी धर्मनिरपेक्ष नहीं होते ।
       इस मसले पर हमें अपने पडोसी देश म्मायार को जरुर देखना चाहिये । आंग सान सू की ने म्मायार से रोहिंग्याई मुसलामानों को खदेड़ दिया और कानून पारित कर दिया कि ,मुसलामानों के  दो से ज्यादा बच्चे होने पर सरकार आगे के बच्चों को मार सकती है। आप समझ सकते हैं कि , इसके लिये कितनी दृढ़ राजनैतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है ।
                                    हमें इस बात को ध्यान में रखना चाहिये की मुसलामानों की असली ताकत इनकी आबादी है और इनकी औरतें इनकी कमजोरी हैं क्योंकि ज्यादातर मुस्लिम औरतें इस्लाम को पसंद ही नहीं करतीं हैं ।

मेरे व्यक्तिगत सुझाव 

१ :-भारत धर्मनिरपेक्ष नहीं कट्टर हिन्दू राष्ट्र होना चाहिये ,

 क्योंकि मुसलमान कभी धर्मनिरपेक्ष नहीं । आबादी बढ़ने पर ये गैरमुस्लिम इमारतों को तोड़ देते हैं और गैरमुस्लिमों को काट डालते हैं। ये  याद रहे कि इस्लाम में ईशनिंदा के बदले मौत की सजा दी जाती है ,हमें भी इसे कानूनन लागू करवा देना चाहिये । 

२:- मुसलामानों पर  परिवार नियोजन कानून का सख्ती  से लागू होना चाहिये ,

      कानून तोड़ने पर सख्त कारवाही होनी चाहिये जैसा कि सू  की ने किया । 

३:-मुस्लिम महिलाओं को आवश्यक रूप से  शिक्षा, तलाक  और मस्जिद में जाने का अधिकार  मिलना चाहिये ,

 हमें इस बात को ध्यान में रखना चाहिये कि ,शिक्षित मुस्लिम महिलायें  इस्लाम को पसंद नहीं करतीं,केवल अशिक्षित मुस्लिम महिलायें ही इस्लाम का समर्थन करतीं हैं । जब ये मस्जिद में जाकर ख़ुद देखेंगी कि ,किस तरह इनके मासूम बच्चों को इस्लाम के नाम पर भड़का कर इंसान से शैतान बनाया जा रहा है ,ये विद्रोह पर उतर आयेंगी इस पर इन्हें तलाक का अधिकार भी मिल जाये तो इस्लाम की खिलाफ़त करने वाली ताकत मुसलामानों के घर में ही तैयार हो जाएगी । 
                       

४ :-मर्दरसों में शिक्षा पर आवश्यक रूप से प्रतिबन्ध लगना चाहिये ,

साथ ही साथ स्कूलों में बचपन से ही आवश्यक रूप से सनातन हिन्दू धर्म की शिक्षा दी जानी चाहिये । इससे मुस्लिम बच्चियां बचपन में हिन्दू धर्म की तरफ़ आकर्षित हो जाएंगी ,और युवा होने पर इस्लाम का त्याग कर के हिन्दू युवकों से ही विवाह करेंगी ,संभवतः मुस्लिम बच्चों के साथ भी होगा और वो भी युवा होने पर इस्लाम का त्याग कर के हिन्दू धर्म अपना लेंगे और विवाह  किसी एक हिन्दू लड़की के साथ ही करेंगे । 

५ :-खास मुसलामानों में आवश्यक रूप से   उत्तराधिकार का हक़ सिर्फ दो बच्चों को ही  मिलना चाहिये, 

यानि पिता की संपत्ति का बंटवारा सभी (१० से १५ )बच्चों में न कर के सिर्फ़ दो बच्चों में ही करना चाहिये ,इस कानून को दादा की संम्पति पर भी लागू कर देना चाहिये यानि दादा की  संम्पति को छिन कर (१० से १५ भाइयों से )  केवल दो भाइयों (पिता और चाचा की पीढ़ी के ) में बांटा देना चाहिये ।
                   इस कानून का असली फ़ायदा तभी मिलेगा जब इसे बेहद गोपनीय तरीके से पास करा के कम   से कम इक लाख अमीर मुसलमानों पर लागू कर दिया जाय और बाकी के निम्न और मद्ध्यम आय के मुसलामानों के डाटा बैंक पर काम शुरू कर दिया जाय ।
                                  पैतृक सम्पति हाथ से निकलती देख मुस्लिम समुदाय में खलबली मच जायेगी ,और सम्पति के लालच में संभवतः  मुसलमान ही मुसलमान को मारेगा या फिर अपने निजी स्वार्थों के ये स्वेच्छा से ही इस्लाम का त्याग कर के हिन्दू धर्म अपना लेंगे  ,क्योंकि इनका नैतिक स्तर बहुत अच्छा नहीं होता । इस तरह से मुस्लिम आबादी घट के मौज़ूदा का बीस प्रतिशत ही रह जायेगी ।
                             इतिहास पर गौर करें तो पायेंगे कि मुग़ल बादशाहों के १० से १२ शहजादे होते थे लेकिन उनमें से कोई इक बाकियों को मार कर , अपने पिता को कैदखाने में डाल कर ही राजगद्दी हासिल करता था ।
                      साथ ही साथ इस कानून को केवल मुस्लिमों पर ही लागू करना चाहिये क्योंकि गैरमुस्लिमों में दो से अधिक बच्चे सिर्फ़ बेटे की चाहत में ही होते हैं ,अगर गलती से भी इस कानून को समान रूप से सभी पर लागू कर दिया गया तो कुछ गैरमुस्लिम गलतफमी का शिकार हो सकते हैं ।

६ :- जबरन धर्मांतरण 

 आवश्यक कानून पारित कर के बाकी बचे मुसलामानों का जबरन धर्मांतरण कर देना चाहिये ।ये विरोध तो जरुर करेंगे लेकिन  इसके लिये मुस्लिम बहुल इलाकों में अनिश्चित कालीन कर्फ्यू लगा देना चाहिये और जो छिट पुट मुसलमान इधर उधर बचेंगे उन्हें नजरबन्द कर के सभी मुसलामानों को आर्थिक रूप से ब्लाक कर देना चाहिये ,इसका असर ये होगा कि ये बैंक से पैसा निकाल नहीं पायेंगे अपने घरों से निकल नहीं पायेंगे ,इनके घरों का राशन हफ्ता इक महीने में ख़तम हो जायेगा ,ये भूख प्यास से बेहाल हो कर इस्लाम का त्याग कर देंगे और  हिन्दू धर्म अपना लेंगे । 


इसके अलावा सामाजिक जागृती की भी जरुरत है जैसे मुसलिमों पर भरोसा कभी नहीं करना चाहिये ,क्योंकि मौक़ा मिलने पर ये धोखा जरुर देते हैं,और गैर मुस्लिम युवतियों को मुसलिमों से दूर रहना चाहिये । 


७ :-अंतिम विकल्प 


अगर हम सभी हिन्दू और हिंदूवादी संघटन ऊपर बताये गये सुझावों को कानूनन लागू करवा पाये तो हम भारत को इस्लामीकरण से बचा लेंगे ,इसके लिये हमें इक ऐसे नेता की जरुरत है जो निडर हो और दृढ निश्चयी भी हो,ये याद रहे की हम हिन्दुओं के पास वक़्त बहुत कम है ,आगामी भविष्य में  मौक़ा मिलने के आसार भी नहीं हैं ,जो भी हो सकता है आज के दौर में  ही हो सकता है ।
                                                             
                                               






                                             



                                               
                                            

      ऊपर दिये गये ये सुझाव  मेरे व्यक्तिगत हैं ,और मेरा दावा है कि ये बेहद अचूक और कारगर हैं ,लेकिन कामयाबी केवल गैरमुस्लिमों की एकता पर ही निर्भर करती है । 



                                          भारत का इस्लामीकरण


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